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सोलन, 04 जनवरी। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के कंडाघाट दौरे के दौरान उस समय माहौल गर्मा गया, जब तबादलों को लेकर कांग्रेस नेताओं, समर्थकों और स्थानीय लोगों के बीच खुला टकराव देखने को मिला। मुख्यमंत्री के सामने ही अलग-अलग गुट अपनी-अपनी मांगों को लेकर आमने-सामने आ गए, जिससे कुछ देर के लिए कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।
सबसे पहले नगर निगम से जुड़े ठेकेदारों का एक प्रतिनिधिमंडल कांग्रेस के कुछ नेताओं के साथ मुख्यमंत्री से मिला। उन्होंने नगर निगम के एसडीओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी कार्यों में अनावश्यक अड़चन डाल रहे हैं और लंबे समय से उनके भुगतान रोके गए हैं।
ठेकेदारों ने एसडीओ का तबादला करने की मांग रखी। हालांकि, इसी दौरान कांग्रेस का दूसरा गुट एसडीओ के समर्थन में उतर आया और तबादले का विरोध करने लगा। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जिसे बमुश्किल शांत कराया गया।
इसके बाद कंडाघाट के बीडीओ के तबादले को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। स्थानीय महिलाओं के एक समूह ने मुख्यमंत्री से बीडीओ को हटाने की मांग की, जबकि दूसरे पक्ष की महिलाओं ने बीडीओ के पक्ष में ज्ञापन सौंपते हुए तबादला न करने की सिफारिश की।
इससे कार्यक्रम में तनाव और बढ़ गया। तीसरा विवाद नगर पंचायत से नगर परिषद बने कंडाघाट में दुकानों के किराये में बढ़ोतरी को लेकर सामने आया। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि मामला एसडीएम कंडाघाट की अदालत में लंबित होने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है। इस पर एसडीएम ने भी अपना पक्ष मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।
इसी बीच बघाट बैंक से जुड़े मामले को लेकर बैंक के चेयरमैन अरुण शर्मा की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री सुक्खू ने सभी पक्षों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर मामले पर गंभीरता से नजर रखे हुए है और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
