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सोलन/दाड़लाघाट, 15 दिसंबर। अंबुजा सीमेंट कंपनी द्वारा दाड़लाघाट क्षेत्र में की जा रही कथित अवैध और अनियंत्रित ब्लास्टिंग तथा अवैध खनन के खिलाफ ग्रामीणों का धरना लगातार 18वें दिन भी जारी है। सीमेंट उद्योग प्रभावित मंच का आरोप है कि इतने लंबे समय के बावजूद सोलन जिला प्रशासन अभी तक मामले को सुलझाने में पूरी तरह विफल रहा है।
मंगलवार को अर्की एसडीएम द्वारा निर्धारित बैठक का सीमेंट उद्योग प्रभावित मंच ने बहिष्कार कर दिया। मंच और प्रभावित ग्रामीणों की दो टूक मांग है कि पूरे मामले की मजिस्ट्रेट इंक्वारी गठित की जाए और प्रभावित क्षेत्र में ही ग्रामीणों के साथ जनसुनवाई के माध्यम से बैठक आयोजित की जाए।
मंच ने मांग की है कि अंबुजा सीमेंट प्लांट और माइनिंग क्षेत्र से प्रभावित सभी पंचायतों के डेंजर जोन में रह रहे लोगों को धूल, मिट्टी, पानी, सड़कों और जीवन सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं से निजात दिलाने के लिए पुनर्वास एवं पुनर्विस्थापन नीति को लागू किया जाए। इसके लिए सार्वजनिक तौर पर निमंत्रण देकर व्यापक जनसुनवाई करवाई जाए।
सीमेंट उद्योग प्रभावित मंच के राज्य संयोजक संदीप ठाकुर ने प्रेस को जारी बयान में चेतावनी दी कि यदि सोलन जिला प्रशासन ने अंबुजा सीमेंट प्लांट दाड़लाघाट द्वारा दिन-रात जारी कथित अवैध ब्लास्टिंग, अवैध खनन और 6 दिसंबर को घुमारौ गांव में हुए भीषण धमाके के मामले में मजिस्ट्रेट इंक्वारी का गठन नहीं किया, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। इस भूख हड़ताल में प्रतिदिन अलग-अलग गांवों के पांच-पांच लोग शामिल होंगे।
मंच ने जिला प्रशासन से मांग की है कि 6 दिसंबर को हुई ब्लास्टिंग, जिससे लोगों के जीवन और पर्यावरण से खिलवाड़ किया गया, उस मामले में 48 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज की जाए।
इसी कड़ी में प्रभावित लोगों और बाहर रह रहे ग्रामीणों ने सामूहिक निर्णय लिया है कि 16 दिसंबर को सुबह 10 बजे संघोई धार धरना स्थल पर विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। यह महापंचायत धमाके के आठ दिन बीत जाने के बावजूद एफआईआर दर्ज न होने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित न कर पाने के विरोध में आयोजित की जा रही है। इस महापंचायत में प्रदेश की पांच सीमेंट कंपनियों से प्रभावित एवं विस्थापित लोग, कई किसान नेता और सामाजिक संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधि भाग लेंगे।
संदीप ठाकुर ने आरोप लगाया कि एसडीएम अर्की कार्यालय द्वारा जारी किए जा रहे बैठक के पत्रों में जानबूझकर 6 दिसंबर को हुए भयानक और अवैज्ञानिक धमाके के मुद्दे को शामिल नहीं किया गया, जो प्रशासन पर कंपनी के दबाव को दर्शाता है।
मंच के पदाधिकारियों संदीप ठाकुर, उपाध्यक्ष कश्मीर ठाकुर, सावित्री देवी, पवन ठाकुर, श्यामलाल, तरलोक महाजन, बंती देवी सहित अन्य ने बताया कि एसडीएम अर्की द्वारा जारी बैठक भूमि अधिग्रहण से संबंधित नियमित बैठक है, जिसका घुमारौ और संघोई धार के प्रभावित लोगों से कोई सीधा संबंध नहीं है। जिन लोगों को ब्लास्टिंग के खतरे के बीच बैठक का वादा किया गया था, न तो उनके नाम प्रशासन के पास हैं और न ही उन्हें आधिकारिक तौर पर आमंत्रित किया गया।
मंच ने अंबुजा और अल्ट्राटेक दोनों सीमेंट कंपनियों से प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों, माइनिंग, प्लांट और कन्वेयर बेल्ट से प्रभावित लोगों, लैंड लूजर और प्रदूषण से जूझ रहे क्षेत्रवासियों से आह्वान किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी पुनर्वास, स्वास्थ्य, पानी, सड़क, शिक्षा सहित सभी समस्याओं को लेकर महापंचायत में अवश्य पहुंचें।
