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मंडी, 20 नवंबर। मंडी ज़िले में एसिड हमले का शिकार हुई महिला ने इलाज के दौरान लिखित बयान देकर पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। गंभीर रूप से झुलसी पीड़िता ने अपने बयान में साफ़ शब्दों में कहा है कि उसके साथ इस बर्बर वारदात को अंजाम देने वाले उसके पति नंद लाल को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए। पीड़िता ने लिखा कि वह अपने लिए न्याय चाहती है और इस जघन्य अपराध को किसी भी कीमत पर माफ़ नहीं किया जाना चाहिए।
अंतिम संस्कार को लेकर भी जताई अंतिम इच्छा
अपने कमजोर होते स्वास्थ्य के बीच, पीड़िता ने अपने अंतिम संस्कार को लेकर भी एक स्पष्ट इच्छा जताई है। उसने कहा है कि यदि उसकी मौत होती है, तो उसका अंतिम संस्कार मायके पक्ष द्वारा मंडी के हनुमान घाट में किया जाए। साथ ही उसने यह भी लिखा कि किसी भी परिस्थिति में उसका अंतिम संस्कार ससुराल पक्ष द्वारा न किया जाए।
पीड़िता के इस बयान ने पूरे क्षेत्र में संवेदना और आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। उसकी पीड़ा और उसका दर्द एक बार फिर समाज और प्रशासन दोनों के सामने बड़े सवाल खड़े करता है—
आखिर कब तक महिलाएं ऐसे अमानवीय अत्याचारों का शिकार बनती रहेंगी?
कब तक दरिंदगी को रोकने के लिए कड़े कदम नहीं उठाए जाएंगे?
कब तक पीड़िताओं को न्याय के लिए अपनी आखिरी सांस तक लड़ना पड़ेगा?
एसिड अटैक जैसे जघन्य अपराधों पर कड़े कानून होने के बावजूद ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। पीड़िता की यह पुकार पूरे समाज और शासन-प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि अब भी अगर कार्रवाई और जागरूकता नहीं बढ़ाई गई, तो ऐसी बहुओं-बेटियों की ज़िंदगियां इसी तरह बुझती रहेंगी।
