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दिल्ली, 15 नवंबर। कांग्रेस ने दिल्ली में हुए ब्लास्ट मामले पर केंद्र सरकार से कड़े सवाल किए हैं। पार्टी ने इस मामले पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। कांग्रेस ने आतंकवाद से निपटने के लिए सरकार को पूरा समर्थन देने की भी बात कही है। पार्टी ने आंतरिक सुरक्षा पर बढ़ती चिंताओं को देखते हुए संसद के शीतकालीन सत्र को समय से पहले बुलाने की मांग उठाई। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सरकार से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं।
पवन खेड़ा ने विस्फोट में मारे गए तेरह लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद सरकार ने कहा था कि आतंकी हमलों को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। अब सरकार को इस पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता ने सरकार से पूछा कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक दिल्ली में कैसे आया। क्या गृह मंत्री हमले की जिम्मेदारी लेंगे। उन्होंने 26/11 मुंबई हमले का उदाहरण देते हुए तत्कालीन गृह मंत्री के इस्तीफे की याद दिलाई।
पवन खेड़ा ने पूछा कि ब्लास्ट को आतंकी कृत्य मानने में सरकार को अड़तालीस घंटे क्यों लगे। तीन दिनों तक भ्रम और अटकलों को बढ़ने दिया गया। देश के लोगों को यह जानने का हक है कि सरकार को इतना समय क्यों लगा। उन्होंने कहा कि सरकार राजधानी के बीच में आतंकवादी हमला रोकने में विफल क्यों रही। यह मामला घोर खुफिया विफलता का है। इस घटना ने गंभीर खुफिया विफलताओं को फिर उजागर कर दिया है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने रिपोर्टों का जिक्र करते हुए बताया कि इस हमले के सिलसिले में 2900 किलो विस्फोटक बरामद किया गया। महज सात महीनों में देश ने एक और बड़ा आतंकी हमला देखा है। उन्होंने पूछा कि पहलगाम हमले से सरकार ने क्या सीखा। वह दिल्ली ब्लास्ट को रोकने में विफल क्यों रही। गृह मंत्री अमित शाह के कार्यकाल में कई बड़े आतंकी हमले हुए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली बम धमाके का दुबई से जुड़ सकते हैं तार। आरोपी आदिल के भाई ने दो महीने पहले दुबई की यात्रा की थी। इससे अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। कांग्रेस ने कहा कि आतंकी हमलों को समर्थन, पोषण और प्रेरणा बाहरी ताकतों से मिलती है। सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी होगी।
