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शिमला, 6 नवंबर। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अगले वर्ष तक हिमाचल प्रदेश को देश का हरित ऊर्जा राज्य बनाना है, जिसके लिए सभी संबंधित विभागों को ठोस और तेज कदम उठाने होंगे।
मुख्यमंत्री ने 450 मेगावाट की शोंग टोंग विद्युत परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि परियोजना का 60 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाना चाहिए। साथ ही, समय पर बिजली उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए समानांतर ट्रांसमिशन लाइन की स्थापना के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में 130 मेगावाट की काशांग-II और III, 48 मेगावाट की चांजू-III, 40 मेगावाट की रेणुका बांध, तथा 191 मेगावाट की थाना प्लाऊं जल विद्युत परियोजनाओं की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा किया जाए और कार्य में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पंप भंडारण परियोजनाओं की उपयोगिता पर बल देते हुए कहा कि ये परियोजनाएं व्यस्त समय में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और ग्रिड पर भार कम करने में सहायक होंगी। उन्होंने प्रस्तावित 1630 मेगावाट की रेणुकाजी पंप भंडारण परियोजना तथा 270 मेगावाट की थाना प्लाऊं पंप भंडारण परियोजना पर शीघ्र कार्य आरंभ करने को कहा।
सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हरित ऊर्जा का दोहन राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने एचपीपीसीएल को सौर ऊर्जा परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाने तथा राज्यभर में नई परियोजनाओं के लिए उपयुक्त स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने नालागढ़ में प्रस्तावित एक मेगावाट हरित हाइड्रोजन संयंत्र की भी समीक्षा की और इसे जून 2026 के अंत तक पूर्ण करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि एचपीपीसीएल को अपनी कार्यशैली में अधिक व्यावसायिकता और दक्षता लानी होगी ताकि हिमाचल हरित ऊर्जा उत्पादन का अग्रणी राज्य बन सके।
बैठक में मुख्य सचिव संजय गुप्ता, सचिव ऊर्जा राकेश कंवर, प्रबंध निदेशक एचपीपीसीएल आबिद हुसैन सादिक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
