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बिलासपुर, 16 नवम्बर: राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर जिला सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग बिलासपुर की ओर से लेकव्यू होटल में जिला स्तरीय प्रेस दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की।
उपायुक्त राहुल कुमार ने सभी पत्रकारों को प्रेस दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया समाज का दर्पण है। उन्होंने कहा कि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के निचले स्तर तक पहुंचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उन्होंने मीडिया कर्मियों से समाचारों के संप्रेषण के दौरान मूल्यों, नैतिकता और सत्यापन पर जोर देते हुए कहा कि समाज तक सही, संतुलित और विश्वसनीय सूचना पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि समाचारों के संकलन में हुई त्रुटियों को भी समय पर तथ्यों के साथ दुरुस्त कर जनता के सामने रखना चाहिए ताकि भ्रामक या अपुष्ट जानकारी फैलने से रोका जा सके। उन्होंने पत्रकारों से सामाजिक बदलाव की दिशा में काम करने तथा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक करने का आग्रह किया।
उपायुक्त ने कहा कि खबरों में तथ्यपरकता, निष्पक्षता, संतुलन और जवाबदेही आवश्यक है। बिना पुष्टि किए किसी भी सूचना के प्रसार से बचने के साथ-साथ पेशेवर दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि प्रेस की विश्वसनीयता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और इसे सुरक्षित रखने के लिए नैतिक पत्रकारिता एवं फेक न्यूज की पहचान में दक्षता आवश्यक है।
कार्यक्रम में भारतीय प्रेस परिषद के सुझाए गए विषय “बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण” पर विस्तृत चर्चा हुई। वरिष्ठ पत्रकार विशाल ठाकुर ने समाचारों की विश्वसनीयता बनाए रखने पर विचार रखे, जबकि राकेश शर्मा ने फेक न्यूज के बढ़ते प्रचलन पर चिंता व्यक्त की। कश्मीर सिंह ठाकुर ने भ्रामक सूचनाओं से बचने पर जोर दिया। मनीष गारिया ने पत्रकारों के प्रशिक्षण और तकनीकी उन्नयन को समय की आवश्यकता बताया, ताकि सूचना-सत्यापन उपकरणों का बेहतर उपयोग किया जा सके।
वरिष्ठ पत्रकार अश्वनी पंडित, अजय उपाध्याय, अरुण डोगरा, बंशीधर, विजयराज उपाध्याय, अनूप शर्मा, सुनील ठाकुर, शुभम राही, रेखा चंदेल और रणजीत सहित अन्य पत्रकारों ने भी चर्चा में भाग लिया।
जिला लोक सम्पर्क अधिकारी राजेश जसवाल ने मुख्यातिथि तथा सभी उपस्थित पत्रकारों का स्वागत करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यमों पर तेजी से फैलने वाली अपुष्ट जानकारियां समाज में भ्रम और अविश्वास पैदा करती हैं। ऐसे समय में प्रेस की जिम्मेदारी है कि वह सत्य, निष्पक्ष और संतुलित जानकारी जनता तक पहुंचाए।
कार्यक्रम में मीडिया कर्मियों द्वारा दिए गए सुझावों को सराहा गया और प्रेस की विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया गया।
