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बिलासपुर, 15 नवंबर। बिलासपुर जिला में पहली बार सिंथेटिक ड्रग एमडीएमए (Methylenedioxymethamphetamine) की बड़ी खेप पकड़ में आने से पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। घुमारवीं पुलिस ने बलोह टोल प्लाजा के पास चेकिंग के दौरान पंजाब के दो युवकों को 20.6 ग्राम एमडीएमए और 225 ग्राम चरस सहित गिरफ्तार किया। पकड़ी गई ड्रग्स की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
कसोल में रेव पार्टियों के लिए जा रही थी सप्लाई
जांच के दौरान आरोपित युवकों ने खुलासा किया कि वे यह सप्लाई कुल्लू के कसोल क्षेत्र में होने वाली पार्टियों के लिए लेकर जा रहे थे। इनकी पहचान आसीम (19) और शिवम नरूला (19), निवासी मुक्तसर, पंजाब के रूप में हुई है। दोनों के बयान के आधार पर पुलिस ने कसोल में सप्लाई का इंतजार कर रहे खरीदार असीम अरोड़ा को भी गिरफ्तार कर लिया।
मुक्तसर के सप्लायर से मिला था ड्रग्स का स्टॉक
पुलिस के मुताबिक यह खेप मुक्तसर के ही एक व्यक्ति ने इन दोनों युवकों को कसोल पहुंचाने के लिए दी थी। जब ये युवक कार में जा रहे थे, तो बलोह टोल प्लाज़ा पर पुलिस टीम ने शक के आधार पर गाड़ी की तलाशी ली और नशीला पदार्थ बरामद कर लिया।
एमडीएमए—चिट्टे से भी घातक सिंथेटिक ड्रग
एमडीएमए एक खतरनाक सिंथेटिक ड्रग है, जो टैबलेट और क्रिस्टल दोनों रूप में मिलता है। यह आमतौर पर रेव पार्टियों में इस्तेमाल होता है और मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य पर बेहद गंभीर दुष्प्रभाव डालता है। पुलिस के अनुसार अब यह नशा आम युवाओं तक भी पहुंचने लगा है, जो बेहद चिंताजनक है।
जांच तेज—कसोल और आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया है, जो कसोल और आसपास के इलाकों में सप्लाई चेन की जांच कर रही है। यह हिमाचल प्रदेश में एमडीएमए की अब तक की दूसरी सबसे बड़ी बरामदगी है।
एसपी बिलासपुर संदीप धवल ने कहा “जिला में सिंथेटिक ड्रग्स का पहला मामला सामने आया है। पुलिस ने खरीदार समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। मामले की तह तक पहुंचने के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है।”
एनडीपीएस एक्ट के तहत घुमारवीं थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है।
