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CCTV फुटेज से खुली पोल, ASI ने फॉर्मेट किया था नेगी का पेन ड्राइव, जांच में बाधा डाल रहा ASI

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न्यूज अपडेट्स 
शिमला, 19 सितंबर। हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPPCL) के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की संदिग्ध मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए शिमला पुलिस के निलंबित ASI पंकज शर्मा को रविवार को हिरासत में लिया। इसके बाद सोमवार को विशेष CBI अदालत में पेशी के दौरान उसे एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया।

थाने में डिलीट हुआ पेन ड्राइव का डाटा

CBI की जांच में सामने आया कि नेगी के शव से बरामद पेन ड्राइव का डाटा शिमला सदर थाने में जानबूझकर डिलीट किया गया। एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि 21 मार्च को सुबह 8:07 से 8:20 बजे के बीच ASI पंकज शर्मा ने थाने के कंप्यूटर में पेन ड्राइव लगाकर उसकी फाइलें खोलीं और फॉर्मेट कर दिया।

आत्महत्या के लिए उकसाने की साजिश

CBI का मानना है कि यह कदम उन लोगों को बचाने के लिए उठाया गया, जो विमल नेगी को आत्महत्या के लिए उकसाने की साजिश में शामिल थे। SIT द्वारा कब्जे में लेने से पहले पेन ड्राइव को छुपाकर रखा गया और बाद में फॉर्मेट कर दिया गया।

जांच में बाधा डाल रहा आरोपी

CBI ने आरोप लगाया कि पंकज शर्मा लगातार जांच में बाधा डाल रहा है। दिल्ली में पूछताछ के दौरान उसने पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट के लिए लिखित सहमति दी थी, लेकिन अदालत में पेश होने के बाद उसने साफ इनकार कर दिया।

पेन ड्राइव गायब, बाकी सामान पुलिस को सौंपा

CBI की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 18 मार्च को जब सतलुज नदी से शव बरामद हुआ, तो नकदी, लाइसेंस और पेन ड्राइव बरामद हुए थे। लेकिन थाने में जमा किए गए सामान में केवल नकदी और लाइसेंस दर्ज था, पेन ड्राइव कभी जमा नहीं करवाई गई। बाद में यही पेन ड्राइव शिमला में फॉर्मेट की गई।

साजिश में कई लोगों की भूमिका संदिग्ध

एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। जांच का दायरा गवाहों और तकनीकी सबूतों तक बढ़ाया जा रहा है।

टाइमलाइन: विमल नेगी मामला

10 मार्च 2025: बिलासपुर के लिए रवाना हुए, इसके बाद लापता।

18 मार्च: सतलुज नदी से शव बरामद, परिजनों का धरना।

19 मार्च: पोस्टमार्टम, केस दर्ज, अधिकारियों पर कार्रवाई।

20 मार्च: SIT गठित।

21 अप्रैल:परिजनों ने CBI जांच की मांग की।

23 मई: हाईकोर्ट ने जांच CBI को सौंपी।

इस सनसनीखेज मामले ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें CBI की आगे की जांच और अदालत की कार्यवाही पर टिकी हैं।

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