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शिमला, 25 अगस्त। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से बड़ा खुलासा हुआ है। अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर गिरोह से जुड़े मामले में अब सीआईडी का एक कर्मचारी भी पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। आरोपी की पहचान रजत के रूप में हुई है। वह वर्तमान में शिमला में सेवाएं दे रहा था और इससे पहले जिला पुलिस में भी तैनात रह चुका है।
पुलिस को जांच के दौरान आरोपी के बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन के साक्ष्य मिले। इसके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर उसकी भूमिका और गिरोह से गहरे संबंधों की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
इससे पहले तक इस चिट्टा गिरोह के सरगना संदीप शाह समेत कुल 69 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से 59 के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल भी कर दिया गया है। अब नए आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अनुपूरक चार्जशीट भी दाखिल करेगी।
स्टेट सीआईडी ने भी इस सूचना पर अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। सीआईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि इस संबंध में उन्हें सूचना मिली है और एजेंसी भी मामले की पड़ताल कर रही है।
जांच में सामने आया है कि सरगना संदीप शाह कोलकाता में बैठकर दिल्ली से इस पूरे रैकेट को संचालित कर रहा था। वह बेरोजगार और नशे के आदी युवाओं को अपने जाल में फंसाता और शिमला तक चिट्टे की खेप पहुंचवाता था। इसके बाद शहर और आसपास के इलाकों में नशे की छोटी-छोटी खेप छिपाकर बांटी जाती थी।
तकनीक में माहिर संदीप शाह डार्क वेब, वर्चुअल नंबर और ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम का इस्तेमाल करता था। खरीदार से पैसा मिलते ही वह वीडियो और लोकेशन भेजकर नशे की डिलीवरी करवाता था। कई वर्षों तक इसी तरीके से वह हिमाचल में नशे का जाल फैलाता रहा।
एसएसपी शिमला संजीव कुमार गांधी ने कहा कि नशे के खिलाफ पुलिस की मुहिम लगातार जारी है और आगे भी किसी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
