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शिमला, 24 जुलाई। हिमाचल प्रदेश के बिजली विभाग के बहूचर्चित चीफ इंजीनियर विमल नेगी की संदिग्ध मौत से जुड़े मामले में निलंबित चल रहे पूर्व डायरेक्टर देश राज को सुक्खू सरकार ने बहाल कर दिया है. सरकार ने उन्हें उनके मूल विभाग हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड (HPSEB) में वापस भेजा है, जहां वे पहले डायरेक्टर के पद पर तैनात था. अब उन्हें पुनः चीफ इंजीनियर के पद तैनात किया गया है. सूत्रों का कहना है कि अब तक की जांच में देश राज के खिलाफ कुछ ठोस ना मिलने पर ही सरकार की तरफ से उन्हें बहाल किया गया है. बुधवार को देश राज ने नौकरी ज्वाइन की है।देश राज को हिमाचल पावर कॉर्पोरेशन में निदेशक पद पर कार्यरत रहते हुए इस मामले में निलंबित किया गया था।
जानकारी के अनुसार, देश राज को हिमाचल पावर कॉर्पोरेशन में निदेशक पद पर कार्यरत रहते हुए इस मामले में निलंबित किया गया था. यह कार्रवाई लगभग दो माह पहले की गई थी. अब दो महीने बाद सरकार ने उन्हें बहाल करने का फैसला लिया है. उधर, इस पूरे मामले की जांच सीबीआई द्वारा अभी भी जारी है।
दरअसल, चीफ इंजीनियर की मौत के बाद सुक्खू सरकार ने डायरेक्टर देश राज को सस्पेंड किया था, जबकि तत्कालीन एमडी मीणा को हटा दिया था. तब से देश राज सस्पेंड चल रहे हैं. उधर, सरकार ने इस मामले की जांच तब के अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा से भी करवाई थी, जिन्होंने अपनी रिपोर्ट में देशराज पर गंभीर सवाल उठाए थे और कहा था कि विमल नेगी को प्रताड़ित किया जाता था।
दरअसल, शिमला मेंबिजली बोर्ड निगम के चीफ इंजीनियर विमल नेगी 10 मार्च को राजधानी से लापता हो गए थे और फिर आठ दिन बाद, 18 मार्च को उनका शव बिलासपुर के शाहतलाई में गोबिंद सागर झील से मिला था. 19 मार्च को परिजनों ने शिमला में विमल नेगी के शव के साथ पावर कॉरपोरेशन कार्यालय के बाहर धरना भी दिया और फिर राज्य सरकार ने डायरेक्टर देसराज को निलंबित कर दिया गया. एफआईआर में एमडी हरिकेश मीणा सहित अन्य अधिकारियों के नाम भी शामिल किए गए हैं।
इस पूरे मामले में राज्य सरकार सीबीआई जांच करवाने से इंकार करती रही, लेकिन परिजनो ने हाईकोर्ट में अर्जी दी थी और फिर कोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे. मामला अब सीबीआई के पास चल रहा है. हालांकि, अब तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।