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Transport Budget HP : एचआरटीसी के बेड़े में अप्रैल में शामिल होंगी 220 नई बसें, आठ और बस अड्डों का निर्माण होगा

News Update Media
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने एचआरटीसी के बेड़े को बढ़ाने की तैयारी कर ली है। शुक्रवार को विधानसभा में अपने बजट भाषण में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल पथ परिवहन निगम के बेड़े में अप्रैल में 220 नई बसें शामिल करने का एलान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022-23 में हिमाचल पथ परिवहन निगम 200 नई बसों की खरीद करेगा। 

इनमें 50 छोटी इलेक्ट्रिक बसें स्मार्ट सिटी मिशन के तहत खरीदी जाएंगी। सीएम ने कहा कि बीते वर्ष सात बस अड्डों का निर्माण पूरा करने के बाद 2022-23 में आठ और बस अड्डों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इनमें ठियोग, भंजराडू, बरछवाड़, हरिपुर देहरा, थुनाग, बंगाणा, नादौन तथा जंजैहली बस अड्डे शामिल हैं। 

इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को मंजूरी
सीएम ने सदन में जानकारी दी कि नीति आयोग ने इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाने के लिए प्रदेश को लाइट हाउस स्टेट के रूप में चयनित किया है। इसके तहत सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी-2021 को मंजूरी दे दी है। प्रदेश सरकार केंद्र के सहयोग से इलेक्ट्रिक व्हीकल एंड कंपोनेंट मैन्यूफैक्चरिंग पार्क स्थापित करेेगी। 

आरटीओ होंगे हाइटेक, मिलेंगे एल्कोसेंसर और इंटरसेप्टर वाहन 
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के मकसद से प्रदेश सरकार आरटीओ को हाइटेक करने जा रही है। सड़कों पर वाहन एवं यात्री सुरक्षित रहेें, इसके लिए प्रत्येक आरटीओ को एल्कोसेंसर, स्पीड रडार, क्रैश इन्वेस्टिगेशन लैब तथा ई-चालान सिस्टम से लैस इंटरसेप्टर इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वाहनों में उपस्थित अधिकारियों की सुरक्षा के लिए सरकार की ओर से बॉडी वॉर्न कैमरे भी उपलब्ध कराए जाएंगे। 

सीएम ने कहा कि  सरकार की ओर से ई-परिवहन व्यवस्था के माध्यम से परिवहन क्षेत्र में लर्नर लाइसेंस को छोड़कर लगभग हर सेवा ऑनलाईन उपलब्ध कराई जा रही है। 2022-23 में इस सुविधा को भी ई-परिवहन व्यवस्था से जोड़ दिया जाएगा। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में बनी सड़कों की पासिंग के लिए निर्धारित मापदंडों की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा छोटे चार पहिया वाहनों तथा छोटी बसों के लिए रोड पासिंग हेतु अलग से दिशा निर्देश दिए जाएंगे। 

एंबुलेंस के पंजीकरण का होगा प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में एंबुलेंस के पंजीकरण के लिए कोई दिशा-निर्देश नहीं हैं। संबंधित प्रावधानों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे, जिससे एंबुलेंस का भी पंजीकरण हो सके तथा मापदंडों के आधार पर उनका भी समय-समय पर रखरखाव किया जा सके।   

धर्मशाला और शिमला में 166 करोड़ की लागत से पूरी होगी परियोजनाएं

वहीं, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट भाषण में कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शिमला में 160 करोड़ रुपये की लागत से 59, धर्मशाला में 166 करोड़ रुपये की लागत से 65 परियोजनाएं पूरी की जाएंगी। इसके अलावा शिमला में 104 करोड़ और धर्मशाला में 165 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य होंगे। हिमाचल में अब तीन नगर परिषद और नगर पंचायतों को भी अटल श्रेष्ठ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। पहले यह पुरस्कार योजना नगर निगम के लिए थी। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने शहरी स्थानीय निकायों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने अटल श्रेष्ठ योजना शुरू की है। 

पार्किंग के लिए सरकारी अंशदान में बढ़ोतरी
सरकार ने नगर निकायों में पार्किंग निर्माण के लिए अंशदान की राशि को 50 से बढ़ाकर 75 फीसदी किया है।  शहरी निकायों में पार्किंग निर्माण के लिए कुल लागत का 50 फीसदी सरकार की ओर से वहन किया जाता है। जबकि शेष 50 फीसदी राशि स्थानीय निकाय वहन करती है।  लंबे समय से डंप कचरे को साफ करने के बाद इन स्थलों पर वृक्षारोपण किया जाएगा। इन स्थानों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा।  

ग्रामीण विकास के लिए 662 करोड़ रुपए
 मनरेगा में पंचवटी योजना के तहत 28 वाटिकाओं का निर्माण किया जा चुका है। अन्य पर निर्माण कार्य प्रगति में है। वर्ष  2022-23 में 200 अतिरिक्त वाटिकाएं और पार्क बनेंगे। मनरेगा में निजी और वन भूमि में वृक्षारोपण पर 50 करोड़ व्यय होंगे। 12 बहुउद्देशीय सुविधा केंद्र बनेंगे। प्रदेश में 870 ग्राम पंचायत के प्रधानों सहित 2510 कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे। छठे राज्य वित्तायोग की अनुशंसा पर पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिबद्ध दायित्वों  के लिए 351 करोड़ का प्रावधान किया है, जोकि 2021-22 से 104 करोड़ अधिक है।

32 हजार स्वयं सहायता समूह  
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 32 हजार स्वयं सहायता समूह का गठन कर दो लाख 50 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। 25 हजार रुपये की एक मुश्त टॉपअप देंगे। इन समूहों को 25 करोड़ की राशि मिलेगी। महिलाओं को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति  बीमा योजना के वार्षिक प्रीमियम 12 रुपये 330 रुपए का भुगतान सरकार करेगी। इस पर 10 करोड़ रुपए खर्च करेगी। कृषि सखी, कृषि उद्योग सखी,  वित्त सखी, बैंक सखी, आदि को गृह खंड विकास क्षेत्र में कार्य करने को प्रति दिन 350 से बढ़ाकर  500 रुपये देंगे। समूहों पर कुल 65 करोड़ खर्च होंगे। 

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