उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि सीटी स्कैन मशीन को स्थापित करने की बार-बार घोषणाएं की गईं और झांसे दिए गए कि उसे 10-15 दिनों में स्थापित करके रोगियों को इस आवश्यक सुविधा का लाभ मिलना आरंभ हो जाएगा। एक माह बीत जाने के बाद भी अभी तक मशीन को स्थापित नहीं किया गया है। हर रोज क्षेत्रीय अस्पताल में आने वाले गंभीर रोगियों और प्रसूता महिलाओं को सुविधा के अभाव में 1000 से 2500 रुपए तक व्यय करके अपने अल्ट्रासाऊंड निजी अस्पतालों व क्लीनिकों में करवाने पड़ रहे हैं। अस्पताल के ओपीडी भवन की तीसरी मंजिल पर एक भी पंखा न होने के कारण रोगी बुरी तरह से गर्मी में व्याकुल अथवा परेशान हो रहे हैं।
बंबर ठाकुर ने कहा कि पुष्ट सूचनाओं के अनुसार अस्पताल में मैडीसिन विशेषज्ञ डॉक्टर और रेडियोलॉजिस्ट के पद काफ ी लंबे समय से रिक्त पड़े हैं जबकि कुछ समय पूर्व यहां एकमात्र सामान्य मैडीसिन विशेषज्ञ डॉक्टर को आईजीएमसी शिमला और सर्जन डॉक्टर को टांडा के लिए बदल दिया गया है। उन्होंने कहा कि वह जिले के लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर सभी रिक्त पड़े डॉक्टरों के पदों और नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति नहीं की गई तो वह ग्रामीणों, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे ताकि जिले के हजारों रोगियों को राहत मिल सके।
