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कांगड़ा, 15 मार्च। हिमाचल प्रदेश विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में अब तक नकल के 27 मामले सामने आये हैं। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने शनिवार को कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी की जा रही है कि परीक्षाएं पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और अनुशासित माहौल में आयोजित हों।
राजेश शर्मा ने चेतावनी दी कि किसी भी तरह की अनियमितता या कदाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डॉ. शर्मा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ विद्यार्थी अपनी कड़ी मेहनत पर भरोसा करने के बजाय अभी भी अनुचित साधनों का उपयोग करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने और ऐसी प्रथाओं से बचने की अपील की जो उनके भविष्य और चरित्र को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
अध्यक्ष ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी ) 2020 के तहत प्रश्न पत्रों में किए गए तकनीकी सुधारों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने समझाया कि यद्यपि सभी प्रश्न पत्र श्रृंखलाओं (ए, बी, सी) में प्रश्न समान होते हैं, लेकिन उनका क्रम बदल दिया जाता है। इस 'जंबलिंग पैटर्न' के कारण, किसी अन्य विद्यार्थी से उत्तरों की नकल करना या प्रश्न पत्रों की तुलना करना पूरी तरह से व्यर्थ और समय की बर्बादी बन गया है।
उन्होंने बाकी बची परीक्षाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए, बोर्ड ने अधिकारियों, केंद्र अधीक्षकों और निरीक्षकों को परीक्षा केंद्रों पर निगरानी बढ़ाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। किसी भी प्रकार की कदाचार को रोकने के लिए उड़न दस्तों को भी सतर्क रखा गया है। डॉ. शर्मा ने उम्मीद जताई कि विद्यार्थी बाकी बची परीक्षाओं में ईमानदारी बनाए रखेंगे और ऐसे कार्यों से बचेंगे जिनके कारण उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
