न्यूज अपडेट्स
शिमला, 15 नवंबर। राजधानी शिमला के बसंतपुर स्थित वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को कीड़े लगे और एक्सपायरी खाद्य पदार्थ परोसे जाने का मामला सामने आया है। यह खुलासा राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एस.पी. कत्याल द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान हुआ।
निरीक्षण के दौरान डॉ. कत्याल ने वरिष्ठ नागरिकों से भोजन की गुणवत्ता और रहन-सहन की स्थिति के बारे में जानकारी ली। भंडारित खाद्य सामग्री की जांच में सामने आया कि बुजुर्गों को दिए जा रहे आटे में घुन पाया गया, जबकि चावल और चना दाल एक्सपायरी और पुराने मिले।
अध्यक्ष ने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि खाद्य सामग्री का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आश्रम में लोगों द्वारा दान किया गया राशन खपत से अधिक आ रहा है, जिसके खराब होने की संभावना रहती है। ऐसे में अतिरिक्त राशन को अन्य केंद्रों में भेजने की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले में राज्य सरकार से ऑडिट करवाने का आग्रह किया जाएगा, ताकि यह पता चले कि कितना राशन दान हो रहा है और उसकी वास्तविक खपत कितनी है।
निरीक्षण के दौरान डॉ. कत्याल ने पेयजल की उपलब्धता और गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सक से निवासियों के स्वास्थ्य और कल्याण पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। हालांकि उन्होंने वृद्धाश्रम की रहन-सहन की स्थिति को संतोषजनक बताया।
डॉ. कत्याल ने बसंतपुर के अलावा बगैंण, धरस्थाई और घरयाणा स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया और सुन्नी स्थित सीडीपीओ कार्यालय का भी दौरा किया।
सुन्नी तहसील में सरकारी समिति द्वारा संचालित उचित मूल्य की दुकान का निरीक्षण करते हुए उन्होंने विक्रेता को सूचना पट्ट और कम्पलेंट कम लॉग बुक अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए, ताकि शिकायतें विधिवत दर्ज हों और समय पर समाधान किया जा सके।
यह मामला सामने आने के बाद यह सवाल उठ गया है कि आश्रमों में दान और राशन प्रबंधन की स्थिति कितनी लचर है और वरिष्ठ नागरिकों के भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या सख्त कदम उठाए जाएंगे।
