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हिमाचल: पुलिस थाना ब्लास्ट केस में 2 व्यक्ति गिरफ्तार, नार्को आतंकवादी मॉड्यूल की साजिश का पर्दाफाश

Anil Kashyap
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न्यूज अपडेट्स 
सोलन, 30 जनवरी। पंजाब पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस थाना ब्लास्ट केस के संबंध में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से पाक-आईएसआई से समर्थन प्राप्त बब्बर खालसा इंटरनैशनल (बीकेआई) आतंकवादी नैटवर्क की नार्को आतंकवादी मॉड्यूल की साजिश का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी वीरवार को डीजीपी गौरव यादव ने दी। डीजीपी ने कहा कि यह कार्रवाई हिमाचल प्रदेश पुलिस और केंद्रीय एजैंसियों के साथ समन्वय से की गई है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शमशेर सिंह उर्फ शेरू उर्फ कमल और प्रदीप सिंह उर्फ दीपू के रूप में हुई है, जो एसबीएस के अंतर्गत आने वाले कस्बा राहों के निवासी हैं। पुलिस टीमों ने उनके कब्जे से एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) भी बरामद की है। डीजीपी ने कहा कि गिरफ्तार किए गए आरोपी गुरप्रीत उर्फ गोपी नवांशहरिया और बीकेआई के मास्टरमाइंड हरविंद्र रिंदा के निकटतम साथी सुशांत चोपड़ा के निर्देशों पर काम कर रहे थे।

डीजीपी ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों ने 31 दिसम्बरए 2025 को अपने 2 साथियों के साथ मिलकर पंजाब से हिमाचल प्रदेश एक आईईडी पहुंचाई थी, जिसका उपयोग पुलिस संस्थानों को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश के हिस्से के रूप में 1 जनवरी, 2026 को हुए नालागढ़ पुलिस स्टेशन धमाके में किया गया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में अगले-पिछले संबंधों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

नवांशहर के एसएसपी तुषार गुप्ता ने कहा कि राहों पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर की जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों की सुशांत चोपड़ा के निर्देशों पर काम करने की भूमिका के बारे में खुलासा हुआ है। 

एसएसपी ने कहा कि इन खुलासों और फॉलोअप कार्रवाई के आधार पर आरोपियों द्वारा बताए गए स्थान से एक आईईडी बरामद किया गया है, जो इस आतंकवादी साजिश में उनकी संलिप्तता की पुष्टि करता है। पुलिस टीमों ने गिरफ्तार किए आरोपियों के 2 साथियों की भी पहचान कर ली है और उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है।

इस संबंध में आर्म्स एक्ट की धारा 25, विस्फोटक पदार्थ एक्ट की धारा 4 और 5, गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) एक्ट (यूएपीए) की धारा 10, 13, 15, 16, 17 और 18 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 113(1) और 113(3) के तहत पुलिस थाना राहों में एफआईआर दर्ज की गई है

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