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शिमला, 01 जुलाई। हिमाचल प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिरुध सिंह पर बड़े आरोप लगे हैं. उनके खिलाफ नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के मैनेजर अचल जिंदल ने मारपीट के आरोप लगाते हुए ढली थाने में शिकायत दी है. घटना शिमला ग्रामीण क्षेत्र के भट्टाकुफर इलाके की है, जहां पर फोरलेन निर्माण कार्य चल रहा है और सोमवार को यहां पर एक पांच मंजिला घर गिर गया था.
NHAI के शिमला में प्रोजेक्ट मैनेजर अचल जिंदल ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) शिमला ग्रामीण के कार्यालय में 11:30 बजे एक बैठक के लिए बुलाया गया था. उनके साथ साइट इंजीनियर योगेश भी उपस्थित थे. एसडीएम कार्यालय में उपस्थित न होने के कारण दोनों अधिकारियों को भट्टाकुफर बुलाया गया, जहां मंत्री अनिरुद्ध सिंह व अन्य स्थानीय लोग मौके पर पहले से मौजूद थे.
जिंदल के अनुसार, मौके पर मंत्री को एक भवन गिरने की जानकारी दी जा रही थी, जो कि 29 जून की शाम को खाली करवा लिया गया था. उन्होंने मंत्री को बताया कि उक्त भवन एनएच की ROW (राइट ऑफ वे) से 30 मीटर की दूरी पर स्थित है और इस पर सरकार की अधिसूचना के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए.
जैसे ही जिंदल ने यह जानकारी दी, मंत्री ने कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया और फिर पास ही एक कमरे में ले जाकर स्थानीय लोगों की मौजूदगी में मारपीट की गई. अचल जिंदल ने बताया कि पानी के घड़े से उनके सिर पर वार किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और खून बहने लगा. जब उनके साथ मौजूद साइट इंजीनियर योगेश ने उन्हें बचाने का प्रयास किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई. शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के समय एसडीएम और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने बचाने की कोशिश नहीं की. दोनों अधिकारी जान बचाकर अपनी गाड़ी से आईजीएमसी पहुंचे, जहां उन्हें भर्ती किया गया और उनका इलाज जारी है.
इस मामले की प्रतिलिपि NHAI के क्षेत्रीय कार्यालय शिमला, मुख्यालय और परियोजना निदेशक को भी भेजी गई है. पुलिस से उचित कार्रवाई की मांग की गई है. मामला तूल पकड़ने की संभावना है, क्योंकि इसमें एक मंत्री का नाम सीधे तौर पर सामने आया है. हालांकि, अब तक कैबिनेट मंत्री अनिरुध सिंह की तरफ से इस संबंध में प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.
जयराम ठाकुर का तीखा हमला
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस घटना को शर्मनाक और कानून व्यवस्था की विफलता करार दिया है. उन्होंने कहा, “सरकार के मंत्री की मौजूदगी में एनएचएआई अधिकारियों के साथ मारपीट बेहद निंदनीय है. मुख्यमंत्री को तत्काल ऐसे मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करना चाहिए.” जयराम ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन, पुलिस और मंत्री मिलकर इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं. मीडिया को खबरें न दिखाने की धमकियां दी जा रही हैं और पीड़ित अधिकारियों पर भी दबाव बनाया जा रहा है.